अन्योन्य क्रिया के परिप्रेक्ष्य में अभिनेता के नियम और संसाधन
मूल्य और आदर्श जो मनुष्य के आचरण को विनियमित करते
सामाजिक अन्योन्य क्रिया के दौरान बनने वाले ग्रुप और समूह
जे. हैबरमास का जीवन-विश्व के उपनिवेशन से अभिप्राय है
विकासशील राष्ट्रों का विकसित राष्ट्रों द्वारा अधीनीकरण।
समाज और संस्कृति का अर्थ-व्यवस्था और राज्य व्यवस्था द्वारा अधीनीकरण।
समाज की संस्कृति का वैश्वीकरण द्वारा अधीनीकरण
सांस्कृतिक दृष्टिकोण का वैशिवक पूँजीपति वर्ग द्वारा अधीनीकरण।
दैनिक जीवन में स्व-प्रस्तुतीकरण की व्याख्या करने के लिए निम्नलिखित समाजशास्त्रियों में से किसने नाट्यकला का उपयोग किया है?
ब्लूमर
ई. गॉफमैन
लकमैन
ए. शुट्ज
निर्वचनीय उपागम जो सामाजिक कृत्य को सामाजिक अभिनेताओं (या पात्रों) के दृष्टिकोण से समझने की कोशिश करता है
सामाजिक दर्शन और घटना विज्ञान
संस्कृति विज्ञान और नृजातीय प्रणाली विज्ञान
घटना विज्ञान और नृजातीय प्रणाली विज्ञान
नव-मार्क्सवाद और घटना विज्ञान
निम्नलिखित में से कौन सा अभिकथन गौण परिप्रेक्ष्य की सही पहचान करता है?
इलीट के दृष्टिकोण से समाज अध्ययन का एक उपागम।
विकसित देशों के समाज में परिवर्तनों का वर्णन।
आम आदमी का इतिहास समाज के आधारित स्तर पर जनसमुदाय के बीच क्या होता है, उस पर ज्यादा केन्द्रित है।
उत्तर आधुनिक समाजों के अध्ययन का एक उपागम।
निम्नलिखित में से कौन सी विशिष्ट अवधारणा के सेट का ए. शुट्ज द्वारा प्रयोग किया गया है?
प्रतीतिकरण, उपाय, वर्ग, क्रान्ति
प्रतीतिकरण, भंडार ज्ञान, उपाय, क्रान्ति
प्रतीतिकरण, विश्व जीवन, भंडार ज्ञान, वर्ग
प्रतीतिकरण, विश्व जीवन, भंडार ज्ञान, उपाय
भारत में स्त्रीजाति दर के कम होने का कारण निम्नलिखित में से कौन सा नहीं है?
लिंग भूमिका का रूढ़ हो जाना तथा परम्परागत भूमिका पर अपेक्षाएँ
दहेज प्रथा तथा व्यापक असाक्षरता
ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों में महिला कार्य बल का प्रव्रजन
लिंग चयनित गर्भपात
हेबरमास के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन पूँजीवाद का एक रूप नहीं है?
सूचनापरक पूँजीवाद
उदारवादी पूँजीवाद
संगठित पूँजीवाद
उत्तर-पूँजीवाद
सामाजिक स्थिति के बारे में ए. शुट्ज की समझ के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प सही नहीं है?
दैनिक जीवन की स्थितियों के साथ व्यक्ति जिस अर्थ को जोड़ता है वह अति महत्त्वपूर्ण है।
स्थितियों के साथ व्यक्ति जिस अर्थ को जोड़ता है उसे उन व्यक्तियों द्वारा समान रूप से साझा किया जा सकता है जिनके साथ वह व्यक्ति अंत:क्रिया करता है।
एक सामाजिक स्थिति में अन्य व्यक्तियों से अंत:क्रिया के माध्यम से अर्थ को साझा करना, उसकी पारस्परिकता के संदर्श का निर्माण करता है।
ऐसे अर्थ को साझा करना जो सामाजिक असंगति उत्पन्न करने में योगदान हो, उसके पारस्परिकता-विरोधी संदर्श का निर्माण करता है।
ए. शुट्ज के अनुसार प्रघटना वैज्ञानिक
बाह्य विश्व के अस्तित्व को नकारते हैं।
सामाजिक विश्लेषण के लिए आंतरिक तथा बाह्य विश्व की स्थायी बद्धता को स्वीकार करते हैं।
वास्तविक सामाजिक छवि निर्माण के लिए बाह्य विश्व द्वारा सामाजिक विश्व को प्रभावित किया जाना चाहिए।
सामाजिक वास्तविकता के निर्माण के लिए, बाह्य विश्व के अस्तित्व पर विश्वास को ‘निलंबित’ करता है।
निम्नलिखित में से कौन सा, विकास के गांधीवादी पथ का भाग नहीं है?
सामाजिक न्यासिता
अहिंसा
सहकारी संघर्ष
रचनात्मक कार्य
किस प्रकार के नारी-अधिकारवादी इस विचार को स्वीकार करते हैं कि ‘राज्य, पुरुष की प्रधानता तथा नारी की गौणता के निर्माण के लिए पुरुषों द्वारा निर्मित संरचनाएँ तथा संस्थाएँ हैं।’?
उदारवादी नारी-अधिकारवादी
उग्र नारी-अधिकारवादी
मार्क्सवादी नारी-अधिकारवादी
पर्यावरणीय नारी-अधिकारवादी
विकास का मानव विकास संदर्श, आर्थिक वृद्धि को निम्नलिखित में से किस रूप में मानता है?
स्वयं में एक साध्य
आर्थिक समृद्धि को सुनिश्चित करने का साधन
जनसंख्या के बड़े भाग के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य तथा रोजगार को सुनिश्चित करने का साधन
बहुराष्ट्रीय निगम निकायों में मानव संबंध के प्रबंधन का साधन
एल. अल्थूजर के संरचनावादी सिद्धांत के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
अर्थव्यवस्था एक प्रभावशाली व्यवस्था है तथा यह राजनीतिक तथा वैचारिक संरचना पर नियंत्रण करती है।
अर्थव्यवस्था एक प्रभावशाली प्रणाली हो सकती है, परन्तु राजनीतिक तथा वैचारिक संरचनाओं में कतिपय स्वायत्तता होती
आर्थिक निर्धारणवाद को सुनिश्चित करने के लिए इतिहास इन सभी संरचनाओं को अस्त-व्यस्त करता है।
अर्थव्यवस्था, राजनीतिकता वैचारिक संरचनाएँ एक-दूसरे से स्वायत्त हैं।
‘लिंग भिन्नता’ एक विश्लेषणात्मक रूपरेखा है जिसमें
लिंगों के बीच जैविक भिन्नता की व्याख्या की जाती है।
महिलाओं के मध्य राजनीतिक तथा आर्थिक भिन्नताओं की व्याख्या की जाती है।
श्वेत और अश्वेत महिलाओं के बीच सामाजिक एवं वैचारिक भिन्नताओं की व्याख्या की जाती है
लिंगों के बीच सामाजिक एवं वैचारिक भिन्नताओं की व्याख्या की जाती है।
“भारत औद्योगिक क्रांति में चूक गया, परन्तु ज्ञानक्रांति में चूक जाने का भार वहन नहीं कर सकता।” यह किसका सुझाव है?
भारतीय महिला आयोग
मानव संसाधन विकास मंत्रालय
शिक्षा आयोग 1986
भारतीय ज्ञान आयोग
हाल के दशकों में, विश्व के सकल CO2 उत्सर्जन में से भारत में इसका उत्सर्जन :
स्थिर रहा।
महत्त्वपूर्ण रूप से बढ़ा।
अत्यधिक कम हुआ।
कृषीय विकसित क्षेत्रों में कम हुआ है जबकि औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ा है।
“यदि विकास सामाजिक लिंग-संवेदनशील नहीं हुआ तो खतरे में पड़ जाएगा” – इस पर निम्नलिखित एजेंसियों में से किसने बल दिया है?
यू एन डी पी
विश्व बैंक ।
आई. एम. एफ.
डब्ल्यू. टी. ओ.
भारतीय अर्थव्यवस्था का कौन सा क्षेत्र इसकी जी डी पी में सर्वाधिक योगदान करता है?
कृषि
सेवा
उद्योग
सभी समान योगदान करते हैं
2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या का कितना समानुपात शहरी क्षेत्रों में रहता है?
लगभग एक चौथाई भाग
लगभग एक तिहाई भाग
लगभग आधा भाग
लगभग पाँचवाँ भाग
“द कंसिक्वेंसेज ऑफ माडर्निटी’ पुस्तक का लेखक कौन है?
वाई. सिंह
ए. गिडेन्स
एफ. फुकुयामा
डी. हार्वे
निम्नलिखित लक्षणों में से कौन सा लक्षण औद्योगिक हड़ताल का नहीं है?
कुछ निश्चित मात्रा में एकजुटता के साथ एक सामूहिक कृत्य
शिकायत-अभिव्यक्ति का एक सामूहिक कृत्य
एक श्रमिक द्वारा काम करना बंद कर देना
औद्योगिक संघर्ष का नियंत्रित स्वरूप
स्वचालन के सामाजिक पहल की चर्चा निम्नलिखित में से किस विद्वान ने नहीं की है?
आर. ब्लाउनर
एस. मेलेट
टी. बाटोमोर
डी. गैली
संघर्ष समूहों के रूप में वर्ग के अपने विश्लेषण में कार्ल मार्क्स ने निम्नलिखित में से किस शर्त की चर्चा नहीं की है?
सत्ता का अध्यारोपण
गतिशीलता, समत्ति तथा सामान्य सामाजिक प्रस्थिति का अभाव
औद्योगिक एवं राजनीतिक संघर्ष का अध्यारोपण
प्रभावी संघर्ष नियंत्रण का अभाव
‘उत्तर-औद्योगिक समाज’ पद का प्रथम प्रयोग किसने किया था?
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